और क्या कढ़ी

एक दिन बीरबल को अपने किसी सम्बन्धी के यहाँ निमंत्रण में जाना था , वह दरबार खत्म होने से पहले बादशाह से अवकाश लेकर विदा हुये | दूसरे दिन जब बीरबल आये तो बादशाह ने निमंत्रण के भोजन के बारे में पूछना शुरू किया , कैसा खाना बना था क्या – क्या था आदि |बीरबल ने कई पकवानो का नाम बतला दिया तथा आगे कुछ बतला रहे थे कि बादशाह ने उन्हें किसी दूसरे प्रश्न मे उलझा दिया जिससे उनका कहना भी बंद हो गया इस घटना को हफ्तों गुजर गए |

एक दिन बादशाह दरबार में बैठे थे | आज बादशाह को याद आया कि बीरबल ने उस दिन कहते – कहते अधूरे मे ही भोजन की सामग्री का वर्णन छोड़ दिया और उन्हें आज बीरबल की स्मरण शक्ति  की परीछा  लेने की सूझी | वे बोले बीरबल और क्या बीरबल समझ गए कि उस दिन भोजन सामग्री का नाम बतलाते – बतलाते मै किसी अन्य काम मे लग गया था और वह बात अधूरी रह गयी थी बादशाह उसी को पूरी करने की गर्ज से पूछ रहे है |

बीरबल ने तत्क्षण ही उत्तर दिया – और क्या ? बढ़ी बस बीरबल की इस गज़ब की स्मरण शक्ति से बादशाह बहुत खुश हुए और अपने गले से मोती की माला उतार कर बीरबल को दे दी उपस्थित मंडली यह न समझ सकी कि किस रहस्यमयी बात के ऊपर मोती की माला मिली है | उन लोगों ने विचार किया कि बादशाह को कढ़ी बड़ी प्रिय है |

इसलिए बीरबल को मोती की माला मिली हाइओ | अन्य दरबारियों का भी जी ललचाया | मोती की माला पाने को सबकी इच्छा हुई | दूसरे दिन बढ़िया – बढ़िया कढ़ी अपने यहाँ लोगों ने तौयार कारवाई | जितना अच्छा तरीका वे जानते थे उसमे किसी किस्म की कमी बनाने मे नही की गई | जब दरबार का समय हुआ तो नौकर को कढ़ी देकर सब 

 

 

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