चेहरा पर कील , मुहासों और झाइयों की समस्या

चेहरा पर कील , मुहासों और झाइयों  की समस्याचेहरा पर कील , मुहासों और झाइयों की समस्या

लड़कियो को जवानी मे और प्रौढ़ावस्था के आसपास चेहरा पर  कई तरह के परिर्वतन होते है | ये परिर्वतन स्वाभाविक विकारो के कारण होते है तथा कील मुहासों व झाइयो के रूप मे सामने आ जाते है यदि चेहरे पर काली कीले हो तो चेहरे को भाप देना या साबुन से धोना सबसे लाभदायल है |

नींबू के सूखे फूल उबले पानी मे मिलाकर भाप देने से भी लाभ होता है | कम – से – कम दस मिनट तक चेहरे को भाप अवश्य दी जानी चाहिए | तत्पश्चात जहां – जहां काली कीले हो ,

उनके पास के हिस्से को टिश्यू से या रुई से हल्का – सा दबाए , फिर उस छिद्र को किसी तेज लोशन से बंद कर दें |यदि भाप देने पर काली कीले न निकलें तो उन्हें मैग्निशियम  सल्फेद मिले पानी से भाप देने का उपक्रम करना चाहिए |

अधिक कड़ी कीलों  के लिए इन पर थोड़ा – सा बादाम रोगन लगाएं तथा गर्म तौलिए से दबाएं | छह औस डिस्टिल्ड वाटर मे 20 – 25 कण बाइकाकार्बोनेट मिलाकर लगाने से भी काली कीलो पर आश्चर्यजनक प्रभाव पड़ता है |

गहरी कीलों के लिए चेहरे को भाप देने के बाद एक कप गर्म पानी में एक चम्मच  मैग्निशियम सल्फेट  डालकर मिलाएँ और इसे अन्य उबलते हुए पानी में रख दे तथा इसमे 3 – 4 बुंदे आयोडिन की भी डाल दें |

चेहरा पर कील , मुहासों और झाइयों  की समस्या

चेहरा पर कील , मुहासों और झाइयों की समस्या

किसी नर्म तौलिए को इस मिश्रण में भिगोकर किलों पर लगाएं | साथ ही गर्म तौलिए को चेहरे पर बदल – बदलकर लगाती रहे और रुई से दबा – दबाकर किलों को निकाल दे | दूध भी काली कीलो से छुटकारा दिलाने में सक्षम है |

गर्म पानी से चहरे धोने के बाद गर्म दूध द्वारा चेहरे को दस – पंद्रह मिनट तक स्पंज अवश्य करना चाहिए | गर्म दूध के साथ – साथ गर्म शहद भी लाभकारी सिध्द होता है | दो औस ग्लिसरीन साबुन , आर औंस बादाम का चुरा , एक औंस मुलतानी मिटटी का घोल पानी में बनाकर रखें और इसे कई दिनो तक कीलो पर लगाए |

कीलो को साफ करने का यह उत्तम साधन है | मुहाँसे यौवन के आगमन के समय निकलते है | इस आयु मे बड़ी तीव्रता के साथ शरीर – वृद्धि  होती है चूंकि चेहरे की त्वचा इस परिवर्तन की अभ्यस्त नही होती , अतः मुहासे निकल आते है |

मुहासे को कभी नोचना – खचोटना नही चाहिए तथा बार – बार दबाने भी नही चाहिए | पेट साफ रखे और कब्ज न होने दे | पौष्टिक आहार ले | दिन मे दो – तीन बार पहले गर्म और फिर ठंडे पानी से चेहरे को धोए | मुहांसो से अधिक पानी पीना चाहिए |

मुहसा और झाई की द्वा

गाजर , पालक अथवा अजवायन का रस भी मुहासों के लिए गुणकारी है | पन्द्रह औस गाजर के रस मे पाँच औस पालक का रस मिलाकर बहुत बढ़िया मिश्रण तैयार हो जाता है |मुहांसों युक्त चेहरे की त्वचा के लिए यह बहुत ही अधिक लाभप्रद है |

प्याज को काटकर धी मे पकाए ,जब तक की वह पारदर्शी न हो जाए |ठंडी होने पर मलमल के कपड़े मे बांधकर पुलिट्श की भांति मुहासों र लगाएं |कपड़े धोने का साबुन भी मुहांसों को सूखाता है |

कपूर न केवल मुहासों को सुखाता है बल्कि चेहरे की त्वचा को सूखा भी प्रदान करता है | रात मे सोने से पूर्व वैसलिन या कोई उत्तम कोल्ड क्रीम लगाएं ,जब तक चेहरा बिल्कुल स्वच्छ न हो जाए , तब तक यही क्रिया जारी रखनी चाहिए |

झाइयाँ भी चेहरे का विकार ही है |जब इन स्थलो कोस्ठक (सैल ) दुर्बल हो जाते है तो ये विकार उत्पन्न हो जाते है |धूप की झाइया तो अस्थाई होती है ,किन्तु यदि वो विकार के कारण हुई हो तो उन्हे ब्लीच करना आवश्यक है |

ब्लीचिंग से झाइया कम हो जाती है |मेकौप द्वारा फिर उन्हें ढका जा सकता है |यदि त्वचा शुस्क हो तो झाइयों की ब्लीच करने के बाद उन पर तेल अवश्य लगाएं |नींबू का रस भी ब्लीचिंग करता है , अतः उसे झाइयो पर लगाएं और तब तक लगा रहने दे ,जब तक की वो पूरी तरह सुख न जाए |

दहि की लस्सी से भी ब्लीचिंग की जा सकती है झाइयो के लिए ले तैयार करने के लिए चार चम्मच कसरी हुई मुली को दूध मे पकाकर भी ब्लीच तैयार की जा सकती है |

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