जिंदगी चुनाव और समझौतों से भरी पड़ी है
भाग्य केवल संयोग पर निर्भर नहीं होता , बल्कि हम उसे अपने लिए चुनते हैं |
वह इंतजार करने की नहीं , बल्कि हासिल करने की चीज है |
-विलियम जेनिंग्स ब्रायन
यहाँ दोनों बातें एक दूसरे का विरोध करती हैं |
अगर जिंदगी चुनाओं से भरी है , तो समझौते का सवाल कहाँ उठता है ?
यकीनन , समझौता भी एक चुनाव है | आइये इस पर विचार करें |
जिंदगी चुनाओं से कैसे भरी है –
जब हम अधिक खाना खाते हैं , तो अपना वजन बढ़ाने का चुनाव खुद करते हैं |
जब हम अधिक शराब पीते हैं, तो दूसरे
दिन सिर में दर्द पा लेने का चुनाव हमारा अपना होता है |
अगर हम शराब पी कर गाड़ी चलाते हैं , तो दुर्घटना में खुद को ,
या किसी और को मार लेने का खतरा खुद चुनते हैं |
जब हम दूसरों के साथ बुरा व्यवहार करते हैं ,
तो इस बात का चुनाव खुद करते हैं कि दूसरे भी हमारे साथ बुरा व्यवहार करें |
जब हम दूसरों कि परवाह नहीं करते,
तो यह चुनाव हम खुद करते हैं कि दूसरे भी हमारी परवाह न करें |
चुनाव
हर चुनाव का एक नतीजा भी होता है |
हम चुनाव करने के लिए तो स्वतंत्र होते हैं ,
लेकिन उसके बाद वह चुनाव हमें नियंत्रित करने लगता है |
दूसरों से कुछ अलग बनने के लिए हम सबके पास बराबर का मौका होता है |
ज़िदगी कि तुलना गीली मिट्टी से की जा सकती है |
जिस तरह कुम्हार गीली मिट्टी को मनचाही शक्ल में ढाल सकता है ,
उसी तरह हम भी अपनी जिंदगी को मनचाहा रूप दे सकते हैं |
जिंदगी समझौतों से कैसे भरी है ? –
जिंदगी केवल मौजमस्ती का नाम नहीं है |
इसमें दुख और निराशा का भी सामना करना पड़ता है |
जिंदगी में ऐसी घटनाएँ भी घटती हैं , जिनके बारे में हमने सोचा तक नहीं होता है |
कई बार हर चीज उलट – पलट हो जाती है |
अच्छे लोगों के साथ भी बुरी घटनाएँ घट जाती हैं |
कुछ चीजें हमारे काबू से बाहर होती हैं ,
जैसे कि अपाहिज होना , या शरीर में कोई जन्मजात दोष होना |
हम अपने माँ – बाप , या पैदा होने के वक्त के हालात को तो नहीं चुन सकते |
अगर तकदीर ने हमारे साथ नाइंसाफी की है , तो मुझे अफसोस है |
लेकिन ऐसा हो ही गया है ,
तो अब हम क्या करेंगे – चीखेंगे – चिल्लाएँगे या तकदीर की चुनौती
को मंजूर करते हुये आगे बढ़ेंगे ? यह चुनाव हमको करना है |
किसी साफ दिन में हमको झील में सैकड़ों नवें तैरती दिखाई देंगी |
हर नाव अलग दिशा में जा रही होती हैं |
हवा
हवा के एक ही दिशा में बहने के बावजूद नावें अलग – अलग दिशाओं में जा रही होती हैं |
क्यों ? इसलिए कि उनमें पाल (शामियाना ) को उसी ढंग से लगाया जाता है ,
और इसका फैसला नाविक करता है |
यही बात हमारी जिंदगी पर भी लागू होती है |
हम हवा के बहाव की दिशा तो नहीं चुन सकते ,
पर पाल लगाने का ढंग चुन सकते हैं |
सेहत खुशी और सफलता , हर आदमी के जूझने की क्षमता पर निर्भर होती है |
बड़ी बात यह नहीं है कि हमारी जिंदगी में क्या घटित होता है ,
बल्कि यह है कि जो घटित होता है , हम उसका सामना कैसे करते हैं
– जार्ज एलेन
नजरिया
अपने हालात को चुनना तो हमेशा हमारे बस में नहीं होता ,
लेकिन अपना नजरिया हम हमेशा चुन सकते हैं |
यह हमारा अपना चुनाव होता है कि विजेता की तरह व्यवहार करें ,
या पराजित की तरह |हमारी किस्मत हमारे मुकाम से नहीं , बल्कि मिजाज से तय होती है |
इंद्रधनुष के बनने के लिए बारिश , और धूप , दोनों की जरूरत होती है |
हमारी जिंदगी भी कुछ ऐसी ही है | उसमें सुख है , तो दुख भी है , अच्छाई है ,
तो बुराई भी है , और उजाला है , तो अंधेरा भी है |
जब हम
जब हम मुसीबत का सामना सही तरीके से करते हैं ,
तो और मजबूत बन जाते हैं |
हम अपनी जिंदगी की सभी घटनाओं पर तो नियंत्रण नहीं कर सकते ,
पर उनसे निपटने के तरीके पर
हमारा नियंत्रण होता है |
रिचर्ड ब्लेशनिडेन सेंट लुईस विश्व मेले में भारतीय चाय का प्रचार करना चाहते थे |
वहाँ काफी गर्मी थी | इसलिय उनकी चाय कोई नहीं पीना चाहता था |
उसी बीच उन्होने देखा कि ठंडे ड्रिंक्स की खूब बिक्री हो रही है |
उनके मन में ख्याल आया कि क्यों न अपनी चाय
में चीनी मिला कर उसे ठंडे ड्रिंक के रूप में बेचे |
उन्होने ऐसा ही किया , और लोगों ने उनकी ड्रिंक को खूब पसंद किया |
दुनिया में ठंडी चाय का चलन वहीं से शुरू हुआ |
आदमी कोई बांजफल नहीं है जिसके पास कोई विकल्प नहीं होता |
बांजफल खुद यह तय नहीं कर सकता
कि वह विशाल वृक्ष बन जाए या गिलहरियों का भोजन बने ,
लेकिन मनुष्य चुनाव कर सकता है |
अगर हमारे पास नींबू हो , तो हम उसे आँख में डाल कर चीख – चिल्ला सकते हैं ,
और उसकी शिकंजी बना कर पी भी सकते हैं |
अगर हालात बिगड़ जाएँ (कभी न कभी ऐसा होता ही है ) , तो यह हम पर निर्भर होता है
कि उनका सामना ज़िम्मेदारी से करें , या खीजते हुये करें |
sildenafil 100mg tablets uk