शराब किसे कहते हैं

शराब किसे कहते हैं

शराब  के तीन अक्षर तीन विशेष बातों की शिक्षा देते हैं |   श = शैतान       रा =रावण , 

ब =बदनसीब |शराब का पहला अक्षर श शैतान का द्द्योतक है अर्थात इन्सान शराब पीने से इन्सान होते हुए भी शैतान बन जाता है |उसे अपने और पराये का ज्ञान नहीं रहता |रा अर्थात 

रावण = जिसने अपना तथा अपने समस्त परिवार सहित पूरे वंश का नाश कर डाला |शराब 

पीने से रावणी बुद्धि का उदय होता है और शराब पीने वाला व्यक्ति अपने धन सहित अपने 

में कोई बीमार है और आप शराब पीकर नशे में धुत  पड़े हैं तो उस समय अगर कोई आपसे 

आकर कहता है कि आपका बेटा बीमार है उसे इलाज के लिये हॉस्पिटल कैसे ले जाओगे ? हो सकता है वह इलाज के अभाव में मर ही क्यों न  जाये और यहीं से आप पर लागू होता है शराब 

के तीसरे अक्षर    ” ब ” का अर्थ बदनसीब ,,|होश में आने पर आप अपनी बदनसीबी को कोसने 

और  शराब को गाली देंगे कि  यदि मै शराब का सेवन न करता तो मेरा बेटा इलाज के अभाव 

में न  मरता |लेकिन इसमे शराब का कोई दोष नहीं है क्योंकि शराब ने तो समझाया था कि 

प्रथम स्टेज में मैं लोगो को  शैतान बनाती  हूँ  दूसरे स्टेज में रावण बनाती हूँ  और तीसरे 

स्टेज  में बदनसीब बनाकर छोड़ देती हूँ |

 

 

 

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