हिम्मत न हारो

हिम्मत न हारो

जब कोई काम बिगड़ जाए ,

जैसा कि कभी – कभी होगा

जब रास्ता सिर्फ चढ़ाई का ही दिखता हो

जब पैसा कम और कर्ज ज्यादा हो

जब मुस्कराहट की इच्छा आह बने ,

जब चिंताएँ दबा रही हों

तो सुस्ता लो , लेकिन हिम्मत न हरो

भूल – भुलैया है ये जीवन

पगडंडिया जिसको हमें पार करनी है

कई असफल तब लौट गए

पार होते गए जो आगे बढ़ते गए

धीमी है रफ्तार तो क्या

मंजिल को एक दिन पाओगे

सफलता छिपी असफलता में ही

                     जैसे शंका के बादल में आशा की चमक

नाप सकोगे क्या इतनी दूरी

दूर दिखती है लेकिन मुमकिन है यह नजदीक हो

डटे रहो चाहे कितनी भी मुश्किल हो

चाहे हालात जीतने भी बुरे हों , लेकिन हिम्मत न हरो , डटे रहो |

Random Posts

  • Romantic Love Shayari In Hindi , Hindi Shayari

    Love Shayari Hindi Me इस शायरी  को पढ़ने वाले जरा जुल्फ हटा के पढ़ना | तुम्हें मेरी कसम जरा मुस्करा […]

  • Shekhchilli Ke Karname || भाग 1 शेखचिल्ली ससुराल में

    Shekhchilli Ke Karname || भाग 1 शेखचिल्ली ससुराल में नमस्कार दोस्तों आप लोग शेखचिल्ली का नाम तो सायद सुना ही […]

  • संघर्ष

             संघर्ष  इतिहास बताता है कि बड़े – बड़े विजेताओं को भी जीत से पहले हताश कर देने वाली बाधाओं का […]

  • पनवाड़ी पति का लव लेटर

    पनवाड़ी पति का लव लेटर हमारी पियारी राम दुलारी , सदा मूस्कियात रहो , जब से तुम रिसियाय के अपने […]

5 thoughts on “हिम्मत न हारो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*