Chutkule Hindi Me

Chutkule Hindi Me

Chutkule Hindi Me

मालिक – हमें अपने दफ्तर के लिए एक ऐसे व्यक्ति की जरूरत है ,

जो निडर , निर्भीक , साहसी और बहादुर हो | किसी बात पर कान न

धरे | बस अपनी धुन का पक्का हो | सदा अपने रास्ते पर चले और

किसी रुकावट से न डरे |

मैनेजर –  जनाब , कल मैं ऐसे व्यक्ति को लेकर आऊँगा , जिसमे 

सब गुण होंगे

मालिक – कौन है वह |

मैनेजर – वह बस का ड्राइवर है और तेज गाड़ी चलाने के अपराध 

में कई बार पकड़ा जा चुका है |

राजधानी के एक ईमानदार सिनेमा मैनेजर को हॉल में एक घड़ी

मिली | उसने इंटरवल में लाउडस्पीकर पर घोषणा की –

जिस श्रीमान की घड़ी हॉल में गिरि हो ? वह पिक्चर समाप्ति के

बाद मेरे दफ्तर से प्राप्त कर ले | पिक्चर खत्म हुई | दफ्तर के

सामने घड़ी के हकदारों की एक लम्बी लाइन लगी थी |

दृश्य बहुत रोमांचकारी था | दर्शक शांत स्तब्ध बैठे थे |

अचानक नायक ने नायिका के मुंह पर एक तमाचा जड़ दिया |

और तभी एक सीट पर से किसी बच्चे की आवाज सुनाई दी |

देखता रह चुन्नु , अब मम्मी की तरह यह भी उसकी बुरी

तरह मरम्मत करेगी |

पति – देखो मकान मालिक किराए के लिए बाहर दरवाजा 

खटखटा रहा है | उससे कह दो कि मैं घर में नहीं हूँ |

पत्नी – लेकिन आप तो कभी झूठ नहीं बोलते ? 

पति – इसीलिए तो तुम्हें भेज रहा हूँ |

ग्राहक – वैसे आपके होटल में काफी सफाई होती है |

मैनेजर – ( खुश होकर ) धन्यवाद आपको किस बात से 

ऐसा आभास हुआ |

ग्राहक – तब जब होटल में घुसते ही किसी ने मेरी जेब साफ कर दी |

 

Chutkule Hindi Me

Hindi Majedar Chutkule

मालिक – ( चौकीदार से ) – रात जब चोरी हुई तो तुम सो रहे थे 

क्या ?

चौकीदार – नहीं मालिक मैं जागा हुआ था और मैंने चोर , मालिक –

( क्रोधित होकर ) – तो तुमने उसे पकड़ा क्यों नहीं ?

चौकीदार –  ( नम्रतापूर्वक ) मालिक , जब चोर रुपयों का बक्सा उठा 

रहे थे तब मैंने देखा कि बक्से में ताला लगा हुआ था | मैंने सोचा चोर

जब बक्से की चाबी लेने आएगा तभी उसे पकड़ लूँगा |

दो मूर्ख नाव में जा रहे थे |

पहला – अरे , यार नाव में छेड़ हो गया |

दूसरा – चलो , नाव में दूसरा छेद कर देते हैं जिसमें 

पानी निकल जायेगा |

प्रेमी – ( प्रेमिका से ) – देखो तुमने अगर मुझसे शादी नहीं 

की तो मैं ट्रेन से कटकर , नदी में कूदकर , फांसी लगाकर

या जहर खाकर आत्महत्या कर लूँगा |

प्रेमिका – ओफ्हो ! कोई एक तरीका निश्चित क्यों नहीं कर लेते |

कंडेक्टर – बहनजी , आपने अपने नौ वर्ष के बच्चे की 

टिकट क्यों नहीं ली |

महिला – जब पन्द्रह किलो वजन ले जाने की छुट है तो 

फिर टिकट लेने की क्या जरूरत है ?

पिता अपने संघर्ष की दास्तान सुना रहे थे ताकि बेटे

कुछ सबक लें | उन्होने बताया कि कैसे भूखे रहकर

तकलीफ़ें सहकर वे बड़े हुए | सब सुनने के बाद छोटे

बेटे ने कहा – पिताजी बीती बातें भुला दीजिये अब तो 

आप हमारे साथ कितने सुख से रह रहे हैं |

एक पंडित जी के घर के सामने गधा मरा पड़ा था |

उन्होने इसकी खबर निगम के सफाई विभाग को

टेलीफोने पर दी |

कर्मचारी ने मज़ाक में कहा – पंडित जी , उस गधे का

क्रियाकर्म आपको ही करना पड़ेगा |

पंडित जी बोले – हाँ भाई , पर गधे के सगे सम्बन्धियों को

खबर करना भी मेरा फर्ज है |

पति ( पत्नी से ) मैंने तुम्हें   कभी अपने सामने झुकते

नहीं देखा | हमेशा मैं ही तुम्हारे सामने झुकता हूँ |

पत्नी – आपको पता नहीं क्या झाड़ू लागते  समय 

मैं आपके सामने झुकती हूँ |

एक लड़का ( लड़कियों को देखकर ) -लगता है आजकल डी .टी . टी .

पाउडर का उपयोग बहुत होने लगा है |

लड़की – फिर भी तो मच्छर पीछा नहीं छोड़ते |

Chutkule Hindi Me

Chutkule Hindi Me

पत्नी – शादी पर जो तुमने सोने की अंगूठी दी थी ,

आज कहीं गिर गई |

पति – आज ही मेरे कोट की जेब से सौ रुपये चोरी हुए ,

खैर मगर कोई दुख नहीं |

पत्नी – क्यों ?

पति – तुम्हारी अंगूठी मिल गई |

पत्नी – खुश होकर कहाँ मिली ?

पति – उसी कोट की जेब से जहाँ से सौ रुपये गायब हुए |

मिस्टर अमित तीस वर्ष के हो चुके थे अभी तक अविवाहित थे

एक दिन उनके एक दोस्त अनिल ने उन्हें टोक दिया –

क्यों अमित साहब विवाह में कितनी देर और है ?

वह बोला – कोशिश तो कर रहा हूँ कि जल्दी ही हो जाये |

अखबारों में विज्ञापन भी दिया था |

कई बहनो के उत्तर भी आ चुके हैं |

पति – सुनो , पिछली बार जब हम लोग दिल्ली गए थे ,

तो कौन से होटल मे ठहरे थे |

 पत्नी- ठहरो मैं अभी चम्मचों पर देखकर बताती हूँ |

रामजी और उसकी पत्नी खाना खा रहे थे , तभी रेडियो

पर राग मल्हार आने लगा | रामजी फिर बोले –

वह क्या प्यारी चीज है ?

क्या ? पत्नी ने पूछा ?

वाह ! क्या प्यारी चीज है | राम जी फिर बोले ! रेडियो बंद

करो तो कुछ सुनाई दे | बेसुरे अ …… अ ….. के कारण तुम्हारी

बात सुनाई नहीं दे रही है |

एक साहब ने बस कंडक्टर से पूछा – क्या मैं बस में

सिगरेट पी सकता हूँ |

कंडक्टर ने उत्तर दिया – नहीं श्रीमान |

वह साहब बोले – फिर यह बस में सिगरेट के टुकड़े कैसे पड़े हैं |

कंडक्टर बोला – यह उन लोगों ने फेंके हैं जिन्होने आपकी

तरह सिगरेट पीने के विषय में पूछा नहीं था |

एक किसान मनोचिकित्सक के पास गया और कहने लगा ,

आजकल मैं बहुत बुरे – बुरे ख्वाब देखता हूँ | रात मैंने देखा कि

मै बैल बन गया हूँ और घास चरने लगा हूँ |

मनोचिकित्सक ने उत्तर दिया – चिन्ता न कीजिये ?

ख्वाब आखिर ख्वाब है | इसमें परेशानी की क्या बात है |

किसान ने कहा – लेकिन डॉक्टर साहब , सुबह को जब मेरी

आँख खुली तो पता चला कि मैंने अपनी आधी चटाई चबा डाली है |

जज ने औरत से कहा – तुमने पति के सर पर कुर्सी दे 

मारी और वह टूट गई |

औरत बोली – जी हाँ मगर ये मेरा इरादा नहीं था |

जज ने कहा – यानि तुम्हारी नियत हमला करने की थी ?

औरत ने उत्तर दिया – जी नहीं मेरी नियत कुर्सी तोड़ने की न थी |

Chutkule Hindi Me

Chutkule Hindi Me

Random Posts

  • मौसम समाचार मनोरन्जन

    मौसम समाचार मनोरन्जन  मौने अभी -अभी खबर मिली है की                      […]

  • और क्या कढ़ी

    एक दिन बीरबल को अपने किसी सम्बन्धी के यहाँ निमंत्रण में जाना था , वह दरबार खत्म होने से पहले […]

  • दुबला और पतला शरीर

    यदि शरीर आवश्यकता से अधिक दुबला और पतला हो , जिसे कहीं भी ले जाने मे शर्मिन्दगी महसूस होती हो […]

  • बनिया पति का लव लेटर

    म्हारी घरवाली फूलनवाती को म्हार एक किलो प्यार , आगे समाचार यो है की जब से तू अपने  भतीजे मंहगाइलाल […]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*
*