funny chutakule in hindi

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वेटर ग्राहक से कह रहा है – साहब खाना सफ़ेद पलेट में 

लाऊँ या पीली में | सफ़ेद में 25 पैसे अधिक लगते हैं |

ग्राहक – ऐसा क्यों ?

वेटर – जी , सफ़ेद प्लेट हम रोज साफ करते हैं |

( 2 )

डॉक्टर -( बूढ़े मरीज से ) ऐसी दवा दूंगा कि तुम 

फिर से जवान हो जाओगे |

मरीज – नहीं डॉक्टर साहब , मुझे ऐसी दवा नहीं 

चाहिए | वरना मेरी पेंशन बंद हो जाएगी ||

( 3 )

एक यात्री ( दूसरे यात्री का हाथ पकड़ते हुए ) – 

भाई साहब , यह कौन सा – स्टेशन है ?

दूसरा यात्री – जनाब यह स्टेशन नहीं  मेरा हाथ है ||

 (4 )

शिक्षक (कमल से ) – बताओ माँ के पैर के नीचे 

क्या  है ?

कमल – स्वर्ग है |

शिक्षक – शाबास और बाप के पैर के नीचे ?

कमल – जी , बाटा का जूता |

 ( 5 )

डॉक्टर (बच्चे से ) – जीभ दिखाओ |

बच्चा – नहीं 

बड़ों को जीभ दिखाने पर पिताजी डांटते हैं |

( 6 )

एक बस चालक की नियुक्ति करने से पहले 

उसे कहा गया यदि रेलवे फाटक के बीच तुम्हारे बस 

के ब्रेक फेल हो जाए तो क्या करोगे ?

चालक – फौरन अपने लड़के को फ़ौन करूँगा |

क्यो तुम्हारा लड़का मैकेनिक हैं 

नहीं उसे भयानक दुर्घटना देखने को शौक हैं 

( 7 )

पिताजी ( डाँटते हुए ) – राजू तुम्हें फूल तोड़ लाने 

को कहा था और तुम पूरी डाली सहित तोड़ लाए , जल्दी 

बोलो कि क्यो 

राजू – पिताजी , वहाँ लिखा था aकि फूल तोड़ने 

 मना है इसिलिए मैं डाली सहित तोड़ लाया |

( 8 ) 

शराबी पति को चिढ़ाने के लिए पत्नी बार मे 

जा पहुंची और शराब मँगवाई |

पहला घूँट भरते ही बोली – उफ यह तो बहुत ही 

कड़वी हैं 

पति ने कहा – और तुम  समझती थी कि मैं यहाँ 

मजे उड़ाने  आता हूँ |

( 9 ) 

एक बार एक आदमी  डांक्टर के पास गया और  

बोला – डांक्टर साहब कई दिनों से सपना आ रहा है 

कि मैं क्रिकेट खेल रहा हूँ | 

डांक्टर ( दवा देते हुए ) – इसे पी लेना सपने 

आना बंद हो जाएंगा , लेकिन डांक्टर साहब इसे मैं 

आज नही पीऊँगा आदमी ने कहा |डांक्टर – क्यो ?

आदमी – आज मेरा शतक पूरा होने वाला हैं | 

( 10 ) 

देवेन्द्र ( मालिक से ) – अब हम यहाँ काम नहीं 

करेंगे | हमको यहाँ ऐसे खाना मिलता है जिसे कुत्ता भी 

नही खा सकता है | 

मालिक – ठीक है , अब से तुम्हें ऐसे खाना दिया 

जायेगा जिसे कुत्ते खा सकते हैं |

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( 11 ) 

मुकेश की आशंका थी कि उसके हिन्दी के 

टीचर बिना  कापियाँ जाँचे ही नम्बर दे दिया करते हैं | 

अपनी बात परखने के लिए उसने एक जवाब के बीच 

लिख दिया – मास्टर जी गधे …. कापियाँ जब वापस 

लौटाई गई तो उसके आगे अध्यापक ने लिखा था – को 

इन्सान बनाते हैं 

     ( 12 )         

चुनाव का मौसम चल रहा था | लोग जिंदाबाद  

के नारे लगा रहे थे | अचानक थोड़ी देर मे वही लोग 

मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे | इस परिवर्तन ने पत्रकार का 

ध्यान खिचा | उसने एक नारे वाले से पूछा – तो उसने 

बताया हमें जिंदाबाद चिल्लाने के लिए सिर्फ पन्द्रह मिनट 

के लिए पैसे दिए थे और अब सोलह मिनट हो गए हैं | 

  ( 13 )     

नवीन ( नाकू से ) – क्यो भई , नौकरी लगी या 

अभी भी मक्खियाँ मार रहे हो ?

नाकू – नहीं आजकल मच्छर मार रहा हूँ | मैंने 

मलेरिया विभाग मे नौकरी कर ली है | 

( 14 ) 

श्याम रतन से ईट भटटे वाला – आप जितनी 

ज्यादा ईटे खरीदेंगे उतनी ही सस्ती पड़ेगी | 

ऐसा है क्या श्याम रतने ने हैरानी से कहा | 

तब तो मेरे ट्रक मे लादते जाओ ,जब तक कि 

कीमत शून्य न हो जाए |

( 15 )

मम्मी ( डाँटते हुए ) – कमबख्त , प्लेट तोड़ दी ,

आने दे तेरे पापा को दिखाऊँगी |

बेटा – वो पहले ही देख चुके हैं |

उन्होने कहा था – आने दे तेरी मम्मी को दिखाऊँगा |

( 16 )

न्यायाधीश – तुमने कुछ दिन पहले भी 100 रुपये 

चुराये थे न |

चोर – साहब , इस महँगाई के जमाने में सौ रुपये 

कितने दिन चलते हैं |

( 17 )

भिखारी – ए बाबूजी ! खुदा के नाम पर कुछ दे दो |

राहगीर – तुम्हारे पास दस रुपये के छुट्टे होंगे ?

भिखारी – जी हाँ बाबूजी |

राहगीर – तो पहले उसे खर्च कर डालो न |

( 18 )

एक मित्र – तुमने मुझे कुत्ता समझ रखा क्या ?

दूसरा मित्र – नहीं पर इतनी सी बात पर गुर्राने की 

क्या जरूरत है |

( 19 )

ललचाई नजरों से केक की ओर देख रहे मोटे 

ग्राहक से बेकरी वाले ने  पूछा – कहिये आपको 

क्या पसन्द है ?

मोटे ग्राहक ने कहा – मुझे पसन्द है वह मक्खन 

भरा केक , पनीर और पेस्ट्री | फिर आह भरकर 

कहा मगर मै लूँगा वही सूखे टोस्ट |

( 20 )

एक दोस्त – यार शादी के लिए लड़की का हाथ 

ही क्यों मांगते हैं , पैर क्यों नहीं मांगते ?

दूसरा – सीधी सी बात है हाथ में घड़ी , कंगन , अंगूठी 

वगैरह होती है मगर पैरों में चप्पल होती हैं |

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( 21 )`

पति – पत्नी शपिंग के लिए बाजार गए तो 

पत्नी बोली – कितनी अजीब बात है कि मेरे 

पास साड़ी का बार्डर है पर साड़ी नहीं , शीशी 

है पर सैंट नहीं |अंगूठी है पर नेकलेस नहीं |

यह सुनकर शांत स्वभाव से पति महोदय ने 

कहा – मेरा भी यही हाल है | मेरे पास पर्स 

है पर पैसे नहीं |

( 22 )

माँ ( बेटे से ) – नवीन तुम बड़े होकर क्या बनना चाहते हो ?

नवीन – मै अध्यापक बनना चाहता हूँ |

माँ – लेकिन अध्यापक को तो बहुत पढ्न पड़ता है |

नवीन – आपने कभी स्कूल आकर नहीं देखा ,

अध्यापक तो बस प्रश्न पुछते हैं | पढ़ना तो हमें पड़ता है |

( 23 )

मालिक ( नौकर से ) – रामू यह चूहा घर के बाहर छोड़ आ |

तुझे दो रुपये दूंगा | 

रामू – अच्छा मालिक 

मालिक – कहाँ छोडकर आया |

रामू – घर के बरामदे में क्योंकि वह वापस घर में आयेगा 

तो मुझे दो रुपये और मिलेंगे |

( 24 )

पति ने शाम को घर लौटकर अपनी पत्नी को बताया –

मैंने दो लाख का बीमा करवा लिया है ताकि अगर मुझे 

कुछ हो जाए तो तुम्हें किसी प्रकार की तकलीफ न हो |

पत्नी बोली – आपने बहुत अच्छा काम किया |जब भी 

आप बीमार होंगे डॉक्टर को बुलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी |

( 25 )

मकान मालिक – आपने एक साल से किराया नहीं दिया |

मकान खाली कर दो 

किरायेदार – अब ऐसा अन्याय तो मुझसे नहीं होगा कि 

बिना किराया दिये चला जाऊँ |

( 26 )

कुछ बेरोजगार युवक मंत्री नाकु के पास गए 

और बोले – नाकु साहब , हमें काम चाहिए 

नाकु भैया ने सभी बेरोजगारों को एक – एक 

आयोडेक्स की शीशी पकड़ाते हुए कहा – 

आयोडेक्स मलिए काम पर चलिये |

( 27 )

मरीज ( होश में आते हुए ) – ओह , इसका मतलब 

है मेरा ऑपरेशन सफल हो गया | मुझे बचाने का 

बहुत – बहुत धन्यवाद डॉक्टर साहब |

यमराज ( डपटकर )- चुपचाप पड़े रहो मैं डॉक्टर 

नहीं यमराज हूँ |

( 28 )

रात को किरायेदार ने दस्तक दी | मकान मालिक ने 

गहरी नींद से उठकर दरवाजा खोला और कहा – कहिए ?

किरायेदार बोला – बात यह है कि मैं इस महीने का किराया 

अदा नहीं कर सकता | मकान मालिक गुस्से में बोला –

यह बात तुम सुबह नहीं कह सकते थे ?

किरायेदार ने जवाब दिया – मैंने सोचा इस बारे में 

मैं अकेले ही क्यों चिन्तित रहूँ |

( 29 )

उड़ते हिये हवाई जहाज का छलकाचनक ज़ोर से 

हँस पड़ा | जब उससे हँसने का कारण पूछा गया 

तो वह बोला – जब पागल खाने के अधिकारियों को पता 

चलेगा कि मैं वहीं से भाग गया हूँ तो वे बेचारे क्या सोचेंगे 

( 30 )

मोहन की पत्नी रोज उससे नये कपड़ों के लिए झगड़ा किया 

करती थी | एक दिन वह बोली – मुझे नयी सडियाँ लाकर दो 

वरना मैं मायके चली जाऊँगी | और जब वापस आओ तो मेरे 

लिए सूट का कपड़ा लेती आना | मोहन ने प्रसन्न होकर कहा |

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