Jija Sali Shayari Hindi | जीजा साली शायरी

Jija Sali Shayari Hindi | जीजा साली शायरी

जीजा साली का रिश्ता बहुत ही प्राचीन काल से चलता आ रहा है | Jija Sali Shayari Hindi जीजा साली का रिश्ता ऐसा है कि इसमे सरारतें , मज़ाक , नोक- झोंक और प्यार भरा हुआ है | वैसे जीजा साली का रिश्ता बहुत ही बढ़िया होता है लेकिन कभी – कभी कुछ लोग इस रिश्ते का गलत प्रयोग करते हैं | मेरे हिसाब से यह रिस्ता सिर्फ हंसी – मज़ाक  तक ही सीमित रहे तो ठीक है वरना गलत कदम उठाने पर बहुत परिवार में दिक्कते आने लगती हैं |

Jija Sali Shayari
Jija Sali Shayari
  • साली – पत्र दे रही हूं जीजा जो दीदी को न दिखाना |
  •   फुरसत मिले तो एक बार यहाँ भी आना ||
  • जीजा : जाने नहीं देती तुम्हारी दीदी तेरे पास |

    दीदी की प्यास देखकर लगी है तुझे प्यास ||

साली : दीदी को पानी पीला चुके

   अब मुझे भी पिलाओ |

     जो आस तूम पे लगाई थी जल्दी बुझाओ ||

जीजा : कुछ दिन ठहर जाओ मैं जल्दी आऊँगा ||

    खाना बनाकर रखना मैं आकर खाऊँगा ||

साली : बनाने की जरूरत नहीं है खाना तैयार है |

         जीजा बिना साली की जिंदगी बेकार है  ||

जीजा : तुम बहुत चालाक तेरी दीदी तो नादान है |

          अपनी दीदी से पहले तू बनकर तैयार है ||

साली : बनी नहीं मैं अभी तक तुम बनाओगे  जिस दिन |

          अपनी बाहों में ले के मानाओग जिस दिन ||

Jija Sali Shayari Hindi
Jija Sali Shayari Hindi

जीजा : बाहों   में    घरवाली    रहेगी    साली    नहीं  |

           क्यूंकि फूल का रस भौंरा पीता है माली नहीं  ||

साली :  भँवरे तो हर फूल पर बैठते है बारी – बारी |

           तुम एक ही फूल के पीछे क्या बनते अनाड़ी ||

जीजा : दीदी तुम्हारी ऐसी है जैसे फूल हो गुलाब का |

            देखने  से  ही   नशा हो जाता शराब का ||

साली :  शराब के नशे में आना शराब पिलाऊँगी |

           अपनी आंखो से तुम्हें बे हिसाब पिलाऊँगी ||

जीजा :  शराब रखो बचाकर ससुराल लेते जाना |

           डोली में बैठाकर शराब का टकसाल लेते जाना ||

साली :  टकसाल मे हमारा शराब बेहिसाब है |

           कीचड़ मे खिला हुआ देखा गुलाब है ||

जीजा : क्यो तुम मेरे लिए खाना खराब करती हो |

           क्यो उल्टी सीधी हमसे जवाब करती हो |

Jija Sali Shayari Hindi

साली : हम आपकी बात का जवाब न देते |

           अगर मेरी जिंदगी खराब ना करते ||

Jija  Sali Ki Love Shayari – Bhag 2

साली – जीजा जी अपनी साली को चिट्ठी तो दीजिये |

           साली के पास आने को छुट्टी तो लीजिये ||

जीजा – छुट्टी नहीं देती है घरवाली नादान है |

           कहती है साली आपकी अभी हुई जवान है ||

  ******

साली – दीदी से बहाना बोलकर आ जाना मेरे पास |

           जीजा पर साली को रहती हरदम आस ||

जीजा – कैसे चला जाऊँ बिना बोल के घरवाली से |

          घर की बीवी को छोड़कर इश्क रचाऊँ साली से ||

******

साली – इश्क होता है सबसे , जवानी जब तक रहती है |

           ये सोलह साल उम्र का पानी जब तक रहती है 

जीजा – साली जी इस  तरह कहना  ना चाहिए |

          जीजा के पास मे तुमको रहना ना चाहिए ||

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साली जीजा जी आपको मालूम है,

            ससुराल में साली होती है |

            जिसे साली समझते हैं ,

           आधी वही घरवाली होती है ||

जीजा – साली को शौक हो गया , घरवाली बनने का |

           फूलों को शौक हो गया माली बनने का ||

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साली – हर फूल खिलना चाहता है माली के सामने |

जीजाजी आपको रहना है साली के सामने ||

जीजा – साली जी आप इस तरह बहाना न कीजिए |

            कच्ची कली हैं आप कभी बहका न कीजिए ||

Jija Sali Shayari Hindi
Jija Sali Shayari Hindi

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साली – फूलों में खुशबू होती है महकने के लिए |

जवानी आती है हुश्न को बहकाने के लिए ||

जीजा – बहकोगी इस तरह दुनिया बड़ी खराब है |

            देख के तुझे कहते कच्ची कली गुलाब है ||

Jija Sali Shayari
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Jija  Sali Ki Love Shayari – Bhag – 3

साली – फूलों से भी नाजुक हूँ गुलाब की मैं कली हूँ |

सोलह साल की उम्र है बड़ी मजा मैं पाती हूँ ||

जीजा – मज़ाक आप करते हैं पास रहते भी दूर |

          सिर्फ चिट्ठी  से बात करते हैं आने में हैं मजबूर ||

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साली – दीदी को लेकर जीजा कहाँ जाते हैं रोज – रोज |

          दीदी क्या पकाती है आप क्या खाते हैं रोज – रोज ||

जीजा – दीदी को जहां ले जाता हूं क्या तुम भी चलोगी |

           दीदी को जो खिलाता हूं क्या तुम भी खाओगी ||

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साली – भूख नहीं है पर इरादा है खाने का |

कब से तैयार हूं मैं आपके पास आने का ||

जीजा – भूखे को भूका कभी भी रहना ना चाहिए |

           दिल का दर्द भूल से कभी , सहना ना चाहिए ||

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साली – आपके खाने  में किसी और का अधिकार है |

उसे खाने के इंतजार में रहना बेकार है ||

जीजा –  घबराओ नहीं खिलाऊँगा तुम्हें भी खाना |

            किस बात पर नाराज हो हमने ना जाना ||       

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साली – जीजा जी आपको मालूम नहीं ,

           भूख कितना ज्यादा है |

          क्या आपका भूखा ही रखने का इरादा है ||

जीजा – क्या करूँ फुर्सत नहीं , तुम परेशान हो |

           क्यों अभी से मुझ पर इस तरह कुर्बान हो ||

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Jija Aur Sali Ki Love Shayari With Image- Bhag – 4 

साली – जीजा जी आप कली को यूं छोड़ा ना कीजिये |

           नाजुक कलाई को , इस तरह मरोड़ा ना कीजिये ||

जीजा – नाजुक कलाई कहो तो मैं थाम लेता हूँ |

            दिन – रात आपका नाम , सुबह -शाम लेता हूँ ||

Jija Sali Shayari Hindi
Jija Sali Shayari Hindi

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साली – कच्ची कली हूँ मैं नाजुक गाल है मेरी |

           चढ़ती हुई जवानी , सोलह साल है मेरी ||

जीजा – सोलह साल की साली घरवाली होती है |

           उसकी चाल कयामत की बड़ी निराली होती है ||

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साली – नहीं समझते आप क्या हाल है मेरा |

          छूकर तो देखिये कैसा नाजुक गाल है मेरा ||

जीजा – नजरों से गाल को छूते हैं हाथों से नहीं |

           खाने से भूख मिटती है बातों से नहीं ||

जीजा का सवाल –

जीजा – साली जी आप छोड़ दो बन ठन के निकलना |

           वक्त जब आएगा तो अपने जीजा से मिलना ||

साली – मिलने का वक्त आ चुका है  , मिलकर जाएँ साली से |

            बनकर फूल टूटकर गिर जाएगी डाली से ||

जीजा : मिलने का वक्त होता तो आता तुझसे मिलने को |

   बना  फूल टूटकर गिर जाएगी डाली से || 

साली  : कली से फूल बन गई वक्त आया खिलने का |

   जीजा जी आपको डावात है साली से मिलने का ||

जीजा : दावत का जरूरत क्यों है अपनी  का |

    रखना संभाल दौलत को दर है जमाने का ||

साली : संभाल के तो रखती हूँ चोरों  का क्या दोष |

    चोर पीछे पड़ जाते हैं चलती हूँ जिधर से ||

जीजा : घर को खुला छोड़ दो चोर का क्या दोष है |

    सब कहते तुझको कि मस्ती मेन मदहोश है ||

साली : मस्ती से मदहोश हूँ कहना सबका ठीक है |

  मेरी भरी जवानी आपकी आँखों के नजदीक है ||

जीजा : जीजा के आँखों मे सब – कुछ लूटा न देना जानकर |

  जो चाहा है उनको भी थोड़ा बहुत तू दान कर ||

साली : किस – किस को दान करूँ भंडार मेरा खाली है |

   आपको चाहने वाली, आशिक भोली भली है ||

Jija Sali Shayari Hindi ,With Photo

 

जीजा : किस गरीब को दान किया, माल सब भंडार का |

   जीजा को देती हक में तो लगता प्यार का ||

साली : जिस गरीब को दान दिया, साली खुशनसीब है |

  आपके जैसे जीजा पाकर साली खुशनसीब है ||

Jija Sali Shayari
Jija Sali Shayari

जीजा : मुझको पाना है तो दीदी को तुम बोल दो |

   अपने दिल की बात दीदी के सामने खोल दो ||

साली : दीदी से क्या कहना, आपकी साली जो तैयार है |

     अब आप मुझे ले जाए कोशिस  सब बेकार है ||

जीजा : शादी करके चले जाओ मौज करोगी साथ में |

   अभी कच्ची काली हो तुम सौंप दो किसी के हाथ में ||

साली : जीजा जी आप दर गए, देखकर अपनी साली को |

    साली को कुछ भी न देते, सब देते हैं घरवाली को ||

जीजा : कुछ नैन है मेरे पास, क्या दूँ अपनी साली को |

    अब न दिखा और मुझे, अपने होठो की लाली को ||

साली : देखने के चीज देख लो, खाने की आशा छोड़ दो |

  दे रही थी लिए नहीं अब पीने की आशा छोड़ दो ||

जीजा : अपना गुस्सा जीजा पर क्यो उतार रही हो |

    अब तक वही कम करो, जिसमे दोनों की भलाई हो ||

लेखक : साली और घरवाली दोनों, चीज है दिल बहलाने की |

              पसंद हो अपनी और कायदा हो फुसलाने की ||

Jija Sali Shayari
साली का सवाल जीजा से 

साली – सपनों में आई थी , आप सोये थे बेखबर |

         जल्दी ही मुलाक़ात होगी थोड़ा करो साबर ||

जीजा – जो तुम ही सपनों में आती हो रोज – रोज |

           हुश्न का जलवा दिखा के , तड़पाती हो रोज – रोज ||

साली – डर लगता है आप से , आप बड़े नादान हैं |

         मुझे घूरते हैं क्या , हम आप पर कुर्बान हैं ||

जीजा – डरने की कोई बात नहीं हिम्मत से काम लो |

            बहकने लगा हूं मैं मुझे बाहों में थाम लो  ||

साली – बाहों में थामने के लिए हिम्मत चाहिए |

           बहकने के बाद थामने के लिए किस्मत चाहिए ||

जीजा – किस्मत का लिखा बदल लो मेरी जिंदगी   में आकर |

           रखा करूंगा मैं तुम्हें सीने से  लगाकर ||

साली – दुनिया बड़ी जालिम है जलती जीजा साली से |

सोने से लगाओगे तुम हमको कह देगी घरवाली से ||

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Jija Sali Shayari Hindi , Romntic Shayari

जीजा –  दुनिया की परवाह नहीं जब लगती मेरी साली |

करेगा क्या जमाना क्या करोगी मेरी घरवाली ||

साली – दीदी को पता चलेगा तो मिलने न देगी आप से |

शक करेगी आप पर कह देगी मेरे बाय से ||

Jija Sali Shayari Hindi
Jija Sali Shayari Hindi

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जीजा – कहूँगा ससुर से कर दो साली की सगाई |

अकेले कैसे रहेगी बना लो जमाई ||

साली – आप ही बन जाइए मेरे बाप के जमाई |

आप जीजा से पति बन जाएँ मैं साली से लुगाई ||

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जीजा – साली से लुगाई बनाना आसान नहीं है |

जीजा तुम्हारा इतना नादान नहीं है ||

साली – साली के साथ रहकर आप होशियार बन गए |

जब से जवान हुई है मेरी तलवार बन गए ||

       ******

जीजा – जवानी आई तुझपे तो मन कर यूं बर्बाद |

जवान हो तुम मिल जाएंगा जल्दी ही दामाद ||

साली – आप साथ हैं मेरे तो दामाद मिल जाएगा |

जिस कली को छू ले वो कली खिल जाएगा ||

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जीजा – कली खिलने के पहले  छूने की  इजाजत  चाहिए

तूँ दौलत है किस की वही दौलत चाहिए ||

साली – दौलत है किस कम की पर खजाना आपकी |

सच पूछिए खुदा कसम दीवानी आपकी ||

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जीजा – दीवानी मैं हो गया हूं साली के फेरे में |

अब दिल नहीं रहता घरवाली के घेरे में ||

साली – इसलिए कहती हूं बना लो अपनी घरवाली |

एक घर में रह सकती है घरवाली और साली ||

Jija Sali Shayari Hindi
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